वैदिक मान्यताएं
वैदिक मान्यताएं जीव 40) जीव का शरीर में निवास-स्थान जीव / आत्मा का शरीर में निवास - स्थान कहां है ? इस विषय पर विभिन्न संस्कृतियों की अपनी - अपनी अवधारणाएं हैं। उदाहरणार्थ, कई संस्कृतियों का मत है कि आत्मा रक्त (Blood) में वास करती है। युनान (Greece) के इतिहासकार हिरोडोटस (Herodotus) ने लिखा है कि स्कीदियनज़ (Scythians) अपने शत्रुओं की वीरता एवं गुणों को अपने में धारण करने के लिए विधिपूर्वक (Ritually) अपने शत्रुओं का रक्त पीते थे। इसी प्रकार कुछ जनजातियों का विश्वास है कि आत्मा शीर्ष (Head) में रहती है। ऐसी मान्यता के कारण , अपने देवताओं को प्रसन्न करने के लिये पशुबलि में सिर की खोपड़ी (Skull) एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई। कई संस्कृतियों की अवधारणा है कि आत्मा श्वास में निवास करती है क्योंकि श्वास के थमते ही मनुष्य की मृत्यु हो जाती है। न्यु कैलिडोनियां और मार्कुविन के लोग ( New Caledonians & Marquenians) मरणासन्न व्यक्ति की नासिका बन्द कर देते थे ताकि उसकी आत्मा शरीर से बाहर न निकल सके। अधिकतर लोगों का मानना है, जिसमें डाक्टर और वैज्ञानिक भी शामिल हैं, कि आत्मा मस्तिष्क (...